शनिवार, 19 जुलाई 2014

किस किस को याद रखें


18 July 2014
22:23
-इंदु बाला सिंह

कैसी बहन
और
अब कैसी भाभी
हम भूल चले उनकी पकायी
रोटियां
पुरियां
होली की गुजिया भरे डब्बे
और
दिवाली के लड्डू ..........
मिली
हमें तो अब
अपनी घरवाली .......
किस किस को याद रखें हम
अब तो
तनख्वाह न पूरी पड़े हमारी |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें