मंगलवार, 18 मार्च 2014

अंधेरा को भगा दिया

अंधेरे को
घुसते देख
घर में
उसने
कांच की खिड़की बंद कर 
पर्दे खींच दिए
और
बल्ब का स्विच आन कर  दिया .............
मन अंधकार भी तो दूर करना था
इसमें
कम्प्यूटर के की बोर्ड ने सहायता की
अक्षरों की कालिमा में
मन का अंधकार उतर गया ............
अब वह
प्रसन्नचित था
टेबल से हॉट काफी की चुस्की लेने लगा ........
उसकी
आंख के आगे
आनेवाले कल की
रूपरेखा उभरने लगी |



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