लगे छात्रों
को
वही विषय
प्रिय
जिसके
गुरु
आचरण में हों
सच्चे
छड़ी न
लायें साथ |
माता के बाद
आज करूँ नमन
पिताश्री
तुझे
सिखाया तूने कूद
बाधाएं फलांगना |
प्रकृति गुरु !
सामंजस्य
बिठाना
तुझसे सीखा
वे पशु जो न
सीखे
हुए
आज विलुप्त |
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