सोमवार, 24 सितंबर 2012

हाइकू - 38


कोई तो लागे
बादलों में ही सही
निज सरीखा |

हिचकोले है
खाए मन की नाव
आज आंधी में |

जोशीला मन
समस्याओं में तप
कुंदन बने |

भोर होते ही
है बजी रणभेरी
देखिये रंग |

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