हस्ती मिटेगी
इतनी आसानी से
न यारो अब
अभी तो शुरू किया
है तुमने मिटाना |
मौन भी डरा
देख तुम्हारा मौन
लो ! आज देखो !
मुखरित हुआ
है
नभ भी तेरे
लिये |
माँ मेरी सुन !
हम ले चले आग
तेरे मन की
आलोकित करने
हर अँधेरा घर |
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