गुरुवार, 27 सितंबर 2012

तांका - 10


हस्ती मिटेगी
इतनी आसानी से
यारो अब
अभी तो शुरू किया
है तुमने मिटाना |


मौन भी डरा
देख तुम्हारा मौन
लो ! आज देखो !
मुखरित हुआ है
नभ भी तेरे लिये |


माँ मेरी सुन !
हम ले चले आग
तेरे मन की
आलोकित करने
हर अँधेरा घर

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