अख़बार बताते
हैं
बहू ने सास
को मारा
पुत्र ने
पिता को पैसे के लिए मारा
स्कूल
में मिडडे मील खा कर बीमार हुए बच्चे
बैंक के
ए० टी ० एम० से चोरी हुयी
गरीब पितृहीन
लड़की को नौकरी का लालच दे मित्र ने एक लाख में बेच दिया
डाईन के संदेह
में गांव वालों ने वृद्धा को मार दिया
इत्यादि
इत्यादि ....
जी करता है
बंद कर दूं यह क्षेत्रीय अख़बार
जो कि भर देते
हैं
जी में
नकारात्मक ऊर्जा
कुछ पठनीय लेख
राजनीतिक
खबरें
और नौकरी के
विज्ञापन रोक देते हैं हाथ हमारा
क्या पता
हमारे लायक कोई आकर्षक नौकरी का विज्ञापन हो
और आखिर आते
रहते हैं अख़बार घर में
बिछते रहते
हैं अलमारी पर
सब्जी के
छिलके रख कर फेंकने के काम आते हैं
अनपढ़े अख़बार
और पेड़ कटते
रहते हैं
हमारे अख़बार
के लिए |
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