मंगलवार, 17 दिसंबर 2013

दुनियावी पाठ

पत्नी वही भाए
जो कमाए
बच्चे पैदा कर घर भी बसाये
पति की मनुहार करे
इसी में उसकी सुरक्षा निहित है
बिलबिला कर जब निकल पड़ती है
वह घर से
तब कहानियाँ बनती हैं
उसकी
टूटी औलादों की
आज वे परिवार कहाँ
रिश्तों की जगह नहीं घर में
बच्चे कैसे पहचानें प्रेम
रिश्तों का
नौकरों से सीखते वे
दुनियावी पाठ |

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