26
January 2015
06:49
-इंदु बाला
सिंह
बच्चे बताते
स्कूल झंडा
लहराते
दूरदर्शन
दिखाता हमें
दिल्ली का
फहरता झंडा
गुजरती
झांकियां
मुहल्ले में
हमारे
मन जाता
महिलाओं का गणतंत्र दिवस
और
पुरुष
निर्लिप्त से
रहते
अपने काम में
व्यस्त रहते
कामवालियां का
कैसा गणतन्त्र दिवस !
क्या वे
मास्टरनी हैं !
बच्चे हों
तो
हर दिवस है
वर्ना
हमारे घरों
में
गणतन्त्र दिवस
के दिन भी होता इतवार |
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