बुधवार, 14 जनवरी 2015

उड़ी रे पतंग


14 January 2015
09:46
-इंदु बाला सिंह

अहा !
उड़ी पतंग मेरी ........
आकाश में
हुर्ररा ........
संग संग पतंग मेरे
उड़े रे ... मेरा जिया ...हुर्ररा .......
चली पतंग मेरी लेने होड़ देखो
अब बादलों से
अहा !
उड़ी रे पतंग मेरी आज तो |

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