शनिवार, 24 जनवरी 2015

आम की मंजरी हंसी


23 January 2015
12:00
-इंदु बाला सिंह

यह लो जी !
गया बसंत हमारे घर
आम की मंजरी हंसी
और
मैं
इन्तजार करूं
अब कच्चे आम का |

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