शुक्रवार, 2 जनवरी 2015

बेटी के दमन का दोषी कौन ?


02 January 2015
21:28
-इंदु बाला सिंह

अकेले घर में
बुढ़ापा काटते हैं माता पिता
एक दिन वे भी अकेले हो जाते हैं
अपने घर में
मेडिकल कार्ड थामे
और
नौकरों के आसरे रहता है
हर बुजुर्ग अकेला 
आखिर कोई कितना जिम्मा ले मालिक का ..
किरायेदार बेटों को फोनिया के अहसान जता देते हैं .............
और पिता वसीयत में दे जाते हैं अपना धन दौलत , मकान
अपने विदेश में बसे इकलौते पुत्र को
भूल जाते हैं वे
अपनी उस बिटिया को
जिसका  ब्याह कर उन्हें विदा किया था ........
बना जाते हैं
पिता अपने पुत्र को दबंग समाज में
पर
बेटी सहारा के लिये कभी पिता का मुंह देखती है
तो कभी भाई का
सोंच में पड़ा मन आज ........
बेटी के दमन करने का दोषी कौन ?
समाज के पुरुष !
या
घर का पुरुष !

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