24
January 2015
01:37
-इन्दुबाला
सिंह
भांति भांति
के पेशेवाले पुरुष होते हैं
पर
औरत तो एक ही
तरह की होती है
बस घर
बसानेवाली किसीका
फिर
कैसी बराबरी
तेरी पुरुष से
ओ
री औरत !
जरा सोंच तू
क्या पहचान है
तेरी ........
हर स्थान में
तेरा पहचानपत्र तो
फलाने की बेटी
या
फलाने की
बहू |
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