शनिवार, 3 जनवरी 2015

बुकुर बुकुर मुंह ताकती माँ


04 January 2015
07:46
-इंदु बाला सिंह


बेटों के शीतयुद्ध में
बुकुर बुकुर
उनका मुंह ताकती
ओ री माँ !
पिता ने तो खुद को मजबूत कर लिया था
तूने क्यों न मजबूत किया खुद को ..........
आजीवन सेविका बनी रही 
तू अपनों की.........
भला क्यों ?

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