26
January 2015
21:27
-इंदु बाला
सिंह
कभी कभी किसी
चेहरे में
कोई अपना
सपना पूरा होते दिखता है
तब
उसे फलते
फूलते देख
इंसान के जी
से दुआ निकलती है
और
करीबी के मन
से निकली दुआ
फलीभूत भी तो
होती होगी
न जाने क्यों
ऐसा लगता है
मुझे
वर्ना टूटे
सपनों के संग जीना दूभर हो जाय
हर आदमी को |
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