सुना है
तेरी बस्ती
में
रतजगा रहता
है
ज्ञान बंटता
है
पहुचुंगा
हो समय पर
सवार
मैं भी एक
दिन
डुबकी लगाऊंगा मैं भी
उस ज्ञान गंगा
में तैरने की
तमन्ना पूरी
करूंगा
दृढ है
विश्वास
अभी तो साध
रहा हूं मैं
अपना निशाना
ओ
मेरे विश्व विद्यालय !
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