शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

चतुरा चाची

सब
सो गये
जब रात में
तब लॉकर खोला चतुरा चाची ने
निकाल नोटों का पुलिंदा
परखने लगी हर नोट पर लिखे साल को
हैरान रह गयी वह
जब उसने पाया एक दस रूपये का नोट
जिस पर न छपा था साल

सुबह सुबह
बिना साल वाले नोट को दे कर सब्जीवाले को
चला लिया
चाची ने
वह नोट
आखिर अकेली चाची
किसका सहारा लेती
उस बिना साल वाले नोट को
बदलने का

शाम को हंस कर कहा बताई
चाची ने पड़ोसन को
सुबह की घटना .....

पड़ोसन ने घबरा कर कहा  ....
अगर देख लेता सब्जीवाला उस नोट को तो !

हंस कर चाची ने कहा .....
अरे बेटा ! ..मैंने देखा नहीं था ...
अभी दूसरा नोट लाती हूँ |






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