सब
सो गये
जब रात में
तब
लॉकर खोला चतुरा चाची ने
निकाल नोटों
का पुलिंदा
परखने लगी हर
नोट पर लिखे साल को
हैरान रह गयी
वह
जब उसने पाया
एक दस रूपये का नोट
जिस पर न छपा
था साल
सुबह सुबह
बिना साल वाले
नोट को दे कर सब्जीवाले को
चला लिया
चाची ने
वह नोट
आखिर अकेली
चाची
किसका सहारा
लेती
उस बिना साल
वाले नोट को
बदलने का
शाम को हंस कर
कहा बताई
चाची ने पड़ोसन
को
सुबह की घटना
.....
पड़ोसन ने घबरा
कर कहा ....
अगर देख लेता
सब्जीवाला उस नोट को तो !
हंस कर चाची
ने कहा .....
अरे बेटा !
..मैंने देखा नहीं था ...
अभी दूसरा नोट
लाती हूँ |
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