शुक्रवार, 17 जनवरी 2014

जाड़ा आया शहर में

जाड़ा आया इस बार
शहर में
बड़ा भयंकर है
भगाना है
प्रिंसिपल ने डर से
स्कूल बंद किया
अभिभावक ने छुपा दिया
अपने बच्चों को
रजाई में
और निकल पड़े
जैकेट जींस कैनवस के जूतों में सडकों पर
सिर कान छुपाये
ये लो
बूढ़े  तेज कदम चले
अपने बच्चों को बचाने जाड़े से
इतनी हिम्मत जाड़े की !
घुस कर राज करे हमारे शहर  में
पर
आज डर से दुबके हैं
घर में अकेले बच्चे
दादा दादी , नाना नानी  बने हैं सेनापति
फौज चल रही सडकों पर
सूरज निकला
कोहरा छंटा
डरा जाड़ा
भगा सरपट ....
खिलखिलाते निकल पड़े
बच्चे सारे सडकों पर
बड़े लग गये
अपनी दैनिक कार्य प्रणाली में |

     
  


               

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