गुरुवार, 16 अप्रैल 2015

फलांग गयी वन


16 April 2015
17:12
-इंदु बाला सिंह

जोर की सांस खींची
और
फलांग गयी वन ........
अब भौंचक हो खड़ी हूं
मैं
रेगिस्तान के बालू पर ........
शायद आसपास जलाशय मिले ......
मन तो मानता नहीं
खाली सपने देखा करता है
और
दौड़ाता रहता है |

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