11 May
2014
10:00
-इंदु बाला
सिंह
माँ
को
त्याग का नाम
दे
लूटने वालो
माँ
भी समझे
तुझे
जरूरत पर
हर महिला को
माँ कह
पुकारने की कला को
निज माँ
किसी कोने
में पड़ी रहे
उस पर
तेरे सुख की
रोशनी न पड़े
तू
केवल
बचपन की माँ ढूंढे
अपनी उम्र के
अंतिम छोर पहुंची माँ में
माँ का नाम ले
आफिस में
ट्रांसफर करवाए तू
माँ के घर से
थोड़ी दूर के
शहर में
माँ का स्थान
जब तेरे
ड्राईंग रूम में नहीं
तो
तू फीका
तेरा मातृगान
फीका |
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