शुक्रवार, 9 मई 2014

कर्मों के अनुसार आयु


10 May 2014
09:39

-इंदु बाला सिंह

अपने अपने
कर्मों के अनुसार ही
आदमी
आयु पाता है
सुभाशीष से नहीं ......
और
वह
दैनिक
साप्ताहिक
पाक्षिक
मासिक
त्रैमासिक
या
वार्षिक
अख़बार या पत्रिका का
एक लेख
बन जाता है ......
सृष्टिकर्ता
अपनी रचनाओं का
अंत
बस देखता रह जाता है |




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