शुक्रवार, 9 मई 2014

बिटिया का ज्ञान


09 May 2014
10:23


-इंदु बाला सिंह 

छठी कक्षा की
मेरी बुद्धिमान बिटिया
को
आज अचानक
ज्ञान प्राप्ति हुई ......
किचेन में आ कर
मेरे गले में हाथ डाल लटक गयी
फिर
मुझसे बोल पड़ी ........
मैं न करूंगी ब्याह कभी .......
और
गर ब्याह करूंगी
तो
विधवा बनने पर
फिर करूंगी ......
अभी अभी पढ़ा है मैंने
विधवा
अपने पति का मृतक अंश होती है
इसीलिये
वह
हर तीज त्यौहार में
त्याज्य होती है .........
मैं चौंक पड़ी
इतनी छोटी
अपनी बिटिया की
अद्भुत सोंच पर ......
मैं मुस्काई .....
ओ मेरी बिटिया रानी
कल है रविवार
और
हम चलेंगे बाजार .....
फिर
मैंने मन ही मन हाथ जोड़
इश्वर से प्रार्थना की
ऐसा दिन
मेरी बिटिया के जीवन में
कभी न आये |


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