नौकरी मन
माफिक न हो तो
उसे बदलें
पत्नी मन
माफिक न हो तो
उसे सहें
पर पुत्र मन
माफिक न हो तो
उसे अवश्य
त्यागें
और रही
पुत्री
वो आपकी न
सुनेगी तो
निश्चिन्त
रहें
वक्त
सुधार देगा उसे
और कोई रिश्ता
तो है नहीं आपके पास
मस्त रहें
कल किसने देखा
है |
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