शनिवार, 15 जून 2013

सो जा राजदुलारी



1976

सो जा मेरी राजदुलारी
जी भर कर तू सो ले रे
क्या जाने कल कैसा होगा
फिर तू कैसे सोयेगी
मानव जीवन पत्ते सा
आज यहां कल कहाँ उड़ा
किसी ने न खोजा कभी उसका निशां
सो ले मेरी बेटी सो ले
आज तू जी भर कर सो ले |

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