हम वो आजादी
न चाहें
जो
अपनों का लहू मांगे |
वह अरमान
क्या
जो
स्वजनों का अपमान करे |
हम जीयेंगे
अपने
कौशल से |
हम आरक्षण न
मांगें
हम
भी सीख लेंगे जीने के गुर तुझे देख |
हम
अभावग्रस्त हैं
पर
हवा का बहाव पहचानते हैं |
हम दीवाल पर
पड़ने वाली किरणों से
दिन
बीतने का समय आंक लेते हैं |
हम कमजोर हैं
पर नासमझ नहीं
|
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