10.01,07
छुप जाते हो
मुझे पुकार कर जब तुम
चौंक जाती
हूँ मैं
मुझे तुमने
पुकारा या मेरे मन ने
फिर
दिग्भ्रमित हो जाती हूँ मैं
न आवाज दो
मुझे तुम
या तो सामने
आ कर बोलो
या हो जाओ
मौन
या तो चलो
साथ साथ
या चलने दो
मुझे अकेले
जाना है अभी
मुझे दूर
बहुत दूर
वचनबद्ध हूँ
मैं
मुझे मुक्त
करो तुम
अब
अपने इस छल से |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें