बुधवार, 11 सितंबर 2013

नाच रे मन

10.11.96



आज बजने दो वीणा
छिड़ने दो रागिनी मधुर तान में
मदमस्त तन फलान्गेगा हर बाधा
पार करेगा रेगिस्तान
चढ़ेगा हिमालय पर
और देखना
विजय पताका अपनी
फहराएगा एक दिन
तब तक जगे रहना ओ रे मन |

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