बुधवार, 11 सितंबर 2013

सलीब पर लटका मन

20.12.01


अपशब्द नहीं फूटते मुंह से
पर मौन रुदन मेरा
जरूर फलीभूत होगा
कर्मफल तो भोगना पड़ता है न हर व्यक्ति को
करना पड़ेगा प्रायश्चित तुम्हें .....
कर्म से , मन से , वचन से ....
सलीब पर लटका मन समझाये नहीं मानता
समय का मरहम भी नहीं भरता तुम्हारा दिया घाव |

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