शनिवार, 14 सितंबर 2013

नयी सुबह

1999



भूल गयी मैं कल की बातें
अब आ रही नई सुबह सुहानी है
देखो कैसी आज चल रही हवा मस्तानी है
लख भोर का तारा मेरा मन किलका है
आज शायद कोई नया संदेशा आनेवाला है
न जानें क्यों आज मेरा मन हरसाया है |

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