शुक्रवार, 13 सितंबर 2013

जी लें

12.02.91


दुनियां क्षणों की है
न कि वर्षों की
या युगों की
यह वरदान है ईश्वरीय
बेहतर है हम इसे जी लें भरपूर |

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