शनिवार, 13 अक्टूबर 2012

गांव की लड़की


बोलते रहिये
हम सुन रहे हैं
लड़के को पढ़ाएंगे
लड़की को कभी न
कौन लड़की की सुरक्षा करेगा
राह में जब छेड़ेंगे लोग
उसकी शादी कैसे होगी भविष्य में
आप अपनी बोलते रहिये
हमें अपने समाज में जीना है
सुख शांति से जीना है
हम गरीब हैं
आप हैं शहरी बाबू
आपके शहर में होगा जरूरी
लड़की का पढ़ना
हमारी लड़कियां  बिना विद्यालय गए
घर में ही चिट्ठी लिखना पढ़ना सीख लेती है
हमारे खेतों में काम मिल जाता है
हमारी लड़कियों को
उन्हें ऑफिस में कॉम करना है क्या ?
हम खुश हैं साहब
आप हमारे बारे में चिंतित  हैं |

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