ओ री !
बेटी
तू मेरी
आकांक्षा
तुझमें हो
पूरी
मेरी आशा
तेरी आँखों
से
देखूं
मैं सपना
तेरी
खिलखिलाहट पर
मैं मुस्काऊँ
तेरे रुदन पर
मैं मौन
देखूं तुझे
हथेली पर
बैठा तुझे
छुआ दूँ चाँद
मेरा
परिमार्जित रूप तू |
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