बुधवार, 3 अक्टूबर 2012

छोटी कवितायेँ - 12



   मौन 

मौन  ने
जिन सम्बन्धों को 
ठन्डे बस्ते में डाला
कालांतर में
जीवाश्म निकले |


  दुष्टा 

पुरुष करता है
शिकार स्त्री का
छल बल कौशल से |
दुष्टा स्त्री करती है
शिकार स्त्री का
पुरुष के सहारे |



  साहित्य 


साहित्य हूँ मैं
तुम मुझमें पाओगे
अनकहे सत्य
काल  के
इतिहास सा 
मात्र वर्ष और घटनाक्रम का
भंडार नहीं मैं |

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