मौन
मौन ने
जिन
सम्बन्धों को
ठन्डे बस्ते में डाला
कालांतर में
जीवाश्म
निकले |
दुष्टा
पुरुष करता है
शिकार स्त्री का
छल बल कौशल से |
दुष्टा स्त्री करती है
शिकार स्त्री
का
पुरुष के
सहारे |
साहित्य
साहित्य हूँ मैं
तुम मुझमें पाओगे
अनकहे सत्य
काल के
इतिहास सा
मात्र वर्ष और घटनाक्रम का
भंडार नहीं मैं |
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