रूप
रूप
निखारेंगे
कितना भी
आप
श्रम की चमक
न आयेगी नजर
मुस्करा कर
देखेंगे
आइने में आप
जब भी
आखों का
फीकापन
आयेगा
नजर |
प्रेम
प्रेम कीजिये
आज
कर्म से आप
मुस्कराईये
तो जरा
देखिये
कितने ख़ूबसूरत हैं
आप |
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