रविवार, 24 जनवरी 2016

पशेंट और निकटस्थ




- इंदु बाला सिंह

गंभीर पेशेंट  डाक्टर के  टेबुल पर  पड़ी फाइल है
जिसे  भेजता है वह  अपने टेबुल से छोटे अस्पताल ... शहर के बड़े अस्पताल .........
फिर  फाइल
पेशेंट के इलाजकर्ता   की  जेब परखने के बाद
पहुंचा दी जाती है जिला के सरकारी या प्राइवेट अस्पताल ...... देश की राजधानीवाले अस्पताल  .........
पेशेंट  की  फाइल में लिखित कुंडली  डाक्टर अपने  सामर्थ्य अनुसार पढ़ते हैं
और निरीह  दूर दराज गाँव से आये निकटस्थ   उसे सुनते हैं   .... भोगते हैं   ......
अब यह समय  की हवा पर निर्भर करता है फाइल की  मुक्ति ...... निकटस्थ अपनों की समस्या का समाधान । 

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