13
January 2016
07:09
-इंदु बाला
सिंह
मैं मालिक का
मकान बनवाता हूं
घर से दूर
सोता हूं
नन्हे शिशु
सा मसहरी में
आंखों में घर की अनुभूति लिये .......
रात भर
मेरे बच्चे
....... मेरी पत्नी
मेरे जन्मदाता
.... मेरे रिश्ते नाते
मुझसे दूर रह
कर भी पास हैं मेरे .......
मैं हूं.....
मजदूर
अमीरों का
सहायक |
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