बड़ा भला लगे
कभी कभी
गुमनाम रहना
उड़ते रहना
नील गगन में
उन्मुक्त
और
देखते
रहना ........
अद्भुत नजारे
शान शौकत के
लिए
कट
मरती दुनिया ........
उदास
अकेला बैठा
अपनों
के लिए तरसता मानव .......
खुले मैदान
में
खेलते बच्चे
......
धर्म के नाम
पर
बहते पैसे
...........
पर
सबसे भला लगे
लौट कर
वापस
अपने कमरे के
अंधियारे में
आ जाना ......
वहीं मेज पर
जहाँ
खुशियों के
उजाले का बटन
अपने हाथ में
सदा ही रहा |
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