सही
लगे शिव का
नर्तक रूप
मानवीय रूप
गौरी का मान
देनेवाला रूप
मानस पुत्र
गणेश को सम्मान देनेवाला रूप
देव
हिताय गरल को कंठ में धारण करनेवाला रूप ........
प्रेरणादायी है
आज के पुरुष
को
नीलकंठ का अलौकिक
काल्पनिक रूप
.........
भोलेनाथ
मन्दिर में
नहीं
मानव में
जीवित हैं |
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