गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

भोलेनाथ

सही
लगे शिव का नर्तक रूप
मानवीय रूप
गौरी का मान देनेवाला रूप
मानस पुत्र गणेश को सम्मान देनेवाला रूप
देव हिताय गरल को कंठ में धारण करनेवाला रूप ........
प्रेरणादायी है
आज के पुरुष को
नीलकंठ  का अलौकिक
काल्पनिक रूप .........
भोलेनाथ
मन्दिर में नहीं
मानव में जीवित हैं |

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