शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2014

वाल्मीकि के राम

वाल्मीकि के राम को
तुमने मानव न रहने दिया
भला क्यों ?
राजा राम
राम राज्य की खूबसूरती
ढूंढें हम ......
कट रहा है इंसान .....
आज भी
इतिहास भला क्यों भूल चले हम .......
राजा गये
जनता त्रस्त है
आज
हर निर्दलीय
मौन है
दर्शक है .....
और
सत्ता के लिए
साथ चाहिए न ......
इस लिए
जुड़ रहा है
वह
किसी न किसी से
अकेला चना भला किस काम का |



    

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