वाल्मीकि के
राम को
तुमने मानव न
रहने दिया
भला क्यों ?
राजा राम
राम राज्य की
खूबसूरती
ढूंढें हम
......
कट रहा है
इंसान .....
आज भी
इतिहास भला
क्यों भूल चले हम .......
राजा गये
जनता त्रस्त
है
आज
हर निर्दलीय
मौन है
दर्शक है
.....
और
सत्ता के लिए
साथ चाहिए न
......
इस लिए
जुड़ रहा है
वह
किसी न किसी
से
अकेला चना भला
किस काम का |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें