शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2014

अजनबी संग बंधी गांठ

गांठ बांध
एक अजनबी के गमछे से
विदा कर दिया
अपनों ने
बिन बाप की गोरी चिट्टी बिटिया को
एक राज्य से दुसरे राज्य
और
फिर विदेश जा पहुंची
बिटिया
अपना भविष्य बनाने
एक पुरुष का घर बसाने
जो कि उसका भी
घर होयेगा
सजल नेत्रों से
ताकूं
उस बिटिया के
स्मरण में बसे चित्र को
इस आशा में
कि
कल सुनूंगी उसके सुख की गाथाएं |

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