परिचित मिला
सड़क
पर ........
जानती हैं
वह लाल घर
बिक गया
उस घर का
आदमी गुजर गया था
उस घर
के
आदमी की पत्नी
का दिमाग
फिर गया था
....
चौंक कर देखा
मैंने उसे ....
बौखला कर कह
उठी मैं .....
अरे साहब !
वह औरत ठीक
ठाक थी
एक बेटे
और बेटी की माँ थी
कमाऊ बच्चों
की माँ थी
उसने
पति के मरने
पर
मकान अपने नाम
करवा लिया था
मैं
उसे भली
प्रकार जानूं
वो
मेरी सह्पठिका
थी ......
सुनते ही
वह परिचित
खिसक लिया ..........
वैसे
वे धनवान
औरतें पगली होती हैं
जिनके पति
उसकी आँखों के
सामने
किसी स्टेशन
में उतर जाते हैं
उसे ट्रेन में
ही छोड़ कर
और
जिनमें
दूसरा साथी
चुनने का सत साहस
नहीं रखती हैं
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