फूल की तरह
पाल
पढ़ा लिखा
दान कर दिया
उसने
धन दौलत के
साथ
लक्ष्मी
बना बिटिया को ............
अब भी
आता वह
बिटिया के घर
ढेर सारे
रुपयों के साथ
बिटिया
की खोज खबर लेने .......
पर
जब वापस
लौटता
वह
उसका अंश रह
जाता
बेटी
के घर ........
और
मैं सोंचू
ये कैसा
सम्बन्ध बनाया
हे
सर्वशक्तिमान तूने
किसी को
क्यों
बेटी का पिता
बनाया तूने
ये कैसा तरीका
है
बिटिया का घर
बसाने का |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें