गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

बिटिया का घर

फूल की तरह पाल
पढ़ा लिखा
दान कर दिया
उसने
धन दौलत के साथ
लक्ष्मी बना बिटिया को ............
अब भी
आता वह
बिटिया के घर
ढेर सारे रुपयों के साथ
बिटिया की खोज खबर लेने .......
पर
जब वापस लौटता
वह
उसका अंश रह जाता
बेटी के घर ........
और
मैं सोंचू
ये कैसा सम्बन्ध बनाया
हे सर्वशक्तिमान तूने
किसी को
क्यों
बेटी का पिता बनाया तूने
ये कैसा तरीका है
बिटिया का घर बसाने का |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें