सोमवार, 16 सितंबर 2024

लड़की और सुरक्षा

#part_2_poem

- इन्दु बाला सिंह 



उस लड़की के 


सारे रिश्ते 


ख़ुद को उसके संकटमोचक समझते थे .……

और 

उसके 


हित मित्र भी 


सुरक्षा देना चाहते थे उसे ……


उस उच्पदस्थ लड़की को समाज में 


इज्जत प्राप्त थी


ऑफिस के कर्मचारी 


उसके आदेश का इंतज़ार करते थे 


वह स्वयं सुरक्षा देना चाहती थी 


अपने निकटस्थों को 


अपनों को .…


वह 


एक फलदार वृक्ष बनना चाहती थी 


जिसमें 


दूरस्थ असहाय पंछी घोंसला बनायें……


बाड़े में रहना 


उसे पसंद न था  ।



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