#इन्दु_बाला_सिंह
सौंप देते हैं अपने सपने
कुछ पिता
अपनी बेटी को …
बेटी शक्ति और बुद्धि के शौर्य से चमक उठती है
वह समाज में प्रतिष्ठा पाती है
फिर भी
घरों में दोयम दर्जा मिलता है उसी बेटी को
आख़िर क्यों ?
जिस दिन चेतेंगी लड़कियाँ
उसी दिन से
घरेलू व्यवस्था का चरमराना शुरू हो जायेगा।
04/08/24
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