#इन्दु_बाला_सिंह
पूछा मैंने जगदम्बे से -
तुम मेरी दोस्त बनोगी
वह हंस कर बोली -
मैं तो संसार से दूर ऊँचे पहाड़ की वासी
सबकी माँ हूँ
कैसे बनूँ तुम्हारी दोस्त .…
मैंने भी जिद पकड़ी-
तुम बन सकती हो मेरी दोस्त
तुम आ सकती हो मेरी दोस्त बनकर ……
और मेरी नींद खुल गयी
मैं हैरत में थी
अपने सुबह के स्वप्न पर ।
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