गुरुवार, 26 सितंबर 2024

अकेलापन

 


#इन्दु_बाला_सिंह


पूछा मैंने जगदम्बे से -


तुम मेरी दोस्त बनोगी 


वह हंस कर बोली -


मैं तो संसार से दूर ऊँचे पहाड़ की वासी 


सबकी माँ हूँ


कैसे बनूँ तुम्हारी दोस्त .…


मैंने भी जिद पकड़ी-


तुम बन सकती हो मेरी दोस्त 


तुम आ सकती हो मेरी दोस्त बनकर ……


और मेरी नींद खुल गयी 


मैं हैरत में थी 


अपने सुबह के स्वप्न पर ।



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