मंगलवार, 10 मार्च 2015

मैं निश्चिंत हूं |


11 March 2015
08:11

-इंदु बाला सिंह

लडकियां और मवेशी
बाड़े में ही भाते
सुरक्षित रहते
इसीलिये
मैंने
घर में
अपनी बेटी के लिये
भर रखा है अनाज के बोरे
खुदवा रक्खा है कूआं पानी के लिये
अब
मैं निश्चिन्त हूं |

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