31 March 2015
06:22
06:22
-इंदु बाला सिंह
सफेद मूछ और सफेद बाल वाले सज्जन से
मिली आज जो निगाह
तो
मुंह फेर लिये वे
मैं चौंकी
और उतना ही चौंकी
जितना चौंका करती थी
उस समय
जब पिता के यही सज्जन मित्र
मेरे पिता की तेरही तक
मुझे
सिर झुका कर नमस्कार करते थे
मन मुस्काया .........
न जाने क्यों |
मिली आज जो निगाह
तो
मुंह फेर लिये वे
मैं चौंकी
और उतना ही चौंकी
जितना चौंका करती थी
उस समय
जब पिता के यही सज्जन मित्र
मेरे पिता की तेरही तक
मुझे
सिर झुका कर नमस्कार करते थे
मन मुस्काया .........
न जाने क्यों |
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