गुरुवार, 19 मार्च 2015

तू ही कर्मयोगी है |


20 March 2015
11:51


-इंदु बाला सिंह


हार न मानना

तृप्त होंगे अपने

पुकारना न मित्र को

तेरी सुनेगा न कोई

तेरी नसों में भूचाल है

तेरे पांव में ताल है

तू ही शिव है

तू ही सुंदर है


तू ही कर्मयोगी है |

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