मंगलवार, 10 मार्च 2015

तितली


08 March 2015
08:13

-इंदु बाला सिंह

कितनी ही अवस्थाओं से गुजर के बेटी बनती है तितली
और माँ बन आकश में उड़ती है वह
पर कुछ लालची शौकीन
ककून अवस्था में ही उसे डुबो देते हैं गर्म जल में
रेशमी कपड़े के लालच में …………...
देखते ही देखते भर लेते हैं वे बैंक
उसके इंश्योरेंस के पैसे से |

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