29 March 2015
14:08
-इंदु बाला सिंह
अपने नाम का पत्थर लगा दिया तुमने
भूल कर .......
मिटा कर ...........
अपने सहोदर को
पर
जरूर कभी न कभी
आ खड़ा होता होगा वह चेहरा
तुम्हारे सामने .......
अपना अपराध
तो
सर चढ़ कर बोलता है
जीवन के
रेगिस्तान में |
भूल कर .......
मिटा कर ...........
अपने सहोदर को
पर
जरूर कभी न कभी
आ खड़ा होता होगा वह चेहरा
तुम्हारे सामने .......
अपना अपराध
तो
सर चढ़ कर बोलता है
जीवन के
रेगिस्तान में |
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