शुक्रवार, 13 मार्च 2015

पुकारता है हर कोई


13 March 2015
12:56

-इंदु बाला सिंह

थका मन
सकून पाता है
पुकार कर
अपने स्वजन को
या
उस अनजानी शक्ति को 
अपनी समस्या के समाधान के लिये ......
और
निश्चिन्त हो जाता है
क्यों कि
वह
अपनी इमानदारी पर विश्वास रखता है
उसे लगता है
वह जीतेगा अवश्य |
यह अलग बात है .....
जो
थक गया
वह
मिट गया |

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